भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और सरकार की असफलता से आमजन का ध्यान भटकाने के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का मुद्दा उछाला गया है। इसका प्रदेश के लगभग पौने दो करोड़ आदिवासियों की संस्कृति, परंपरा और संवैधानिक अधिकारों पर संभावित प्रभाव पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
नर्मदा नदी पर बनीं सरदार सरोवर परियोजना को लेकर हुए समझौते से राज्य के हित प्रभावित होने की बात सामने आई है। इसे लेकर सरकार श्वेत पत्र जारी कर वस्तुस्थिति जनता के सामने लाए। भ्रष्टाचार सहित अन्य मामलों को लेकर 15 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रही सरकार
भोपाल में मीडिया से चर्चा में पटवारी ने कहा कि देशभर में बंद हुए लगभग 5,000 स्कूलों में से 2,500 स्कूल अकेले मध्य प्रदेश के हैं। यूसीसी केंद्र सरकार का विषय है। प्रदेश में इसे लागू करने की चर्चा केवल वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास है।
प्रदेश महिलाओं पर अत्याचार, आदिवासियों पर अत्याचार, बलात्कार, ड्रग्स माफिया, शराब माफिया सहित अन्य प्रकार के अपराध व भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार बदनाम हो रहा है। इसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी अपना संघर्ष जारी रखेगी।
15 जुलाई को सीएम आवास का घेराव
15 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर अयोध्या से महाकाल तक कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों को जनता के सामने लाएगी। सरकार प्रदेश को कर्ज के दलदल में फंसती जा रही है।
वर्तमान में 5,61,786 कर्ज हो गया है। सरदार सरोवर बांध को लेकर हुए समझौते पर पटवारी ने कहा कि परियोजना से सर्वाधिक प्रभावित मध्य प्रदेश हुआ।
क्षति की भरपाई के लिए 76,69 करोड़ का दावा प्रस्तुत किया था लेकिन समझौते में 231 करोड़ रुपये देना तय किया गया। सरकार को श्वेत पत्र जारी कर वस्तुस्थिति स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर यह कैसे हुए।




