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गोवा की फेनी, पंजाब-हरियाणा की ठर्रा और केरल की ताड़ी MP में हो सकती है उपलब्ध, आबकारी विभाग बना रहा मेगा प्लान

 

मध्य प्रदेश में सुरा प्रेमियों को अब गोवा की फेनी, हिमाचल प्रदेश की लुगड़ी व चुल्ली, पंजाब-हरियाणा की ठर्रा, सिक्किम लद्दाख की चांग और केरल की ताड़ी ज …और पढ़ें

गोवा की फेनी, पंजाब-हरियाणा की ठर्रा और केरल की ताड़ी MP में हो सकती है उपलब्ध, आबकारी विभाग बना रहा मेगा प्लान

नई आबकारी नीति में बाहरी राज्यों की देसी शराब को जगह (AI से जनरेट इमेज)

HighLights

  1. एमपी में भी मिल सकता है गोवा की फेनी और केरल की ताड़ी का स्वाद
  2. नई आबकारी नीति में बाहरी राज्यों की देसी शराब को मिलेगी जगह
  3. एमपी की महुआ शराब को दूसरे राज्यों में चमकाने का नया फॉर्मूला

भोपाल। मध्य प्रदेश में सुरा प्रेमियों को अब गोवा की फेनी, हिमाचल प्रदेश की लुगड़ी व चुल्ली, पंजाब-हरियाणा की ठर्रा, सिक्किम लद्दाख की चांग और केरल की ताड़ी जैसी शराब भी उपलब्ध हो सकती है। इसके लिए आबकारी विभाग कार्य योजना बना रहा है। दरअसल मध्य प्रदेश की नई आबकारी नीति 2026-27 में प्रविधान है कि अन्य राज्यों की स्थानीय स्तर पर प्रचलित शराब को मध्य प्रदेश में विशेष रियायतें दी जा सकती हैं।

बदले में उन राज्यों को भी मध्य प्रदेश की महुआ शराब को प्रोत्साहित करना होगा। वनांचल में महुआ फूल से निर्मित इस हेरिटेज शराब को तत्कालीन शिवराज सरकार ने प्रोत्साहन दिया था। आबकारी विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि इस शराब को अन्य राज्यों में पहचान और बाजार मिल सकता है। यदि योजना सफल होती है तो गोवा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब-हरियाणा, सिक्किम लद्दाख और केरल की शराब भी मध्य प्रदेश में उपलब्ध हो सकती हैं।

 

नई नीति में प्रविधान है कि कोई राज्य अगर अपने विशेष स्थानीय उत्पाद से बनी शराब को प्रोत्साहित करने के लिए कर या शुल्क में छूट देता है और मध्य प्रदेश की महुआ शराब को भी ऐसी ही सुविधा दी जाती है, तो मध्य प्रदेश भी उस राज्य की शराब को रियायत देने पर विचार कर सकता है। हालांकि यह सुविधा सभी राज्यों और सभी ब्रांडों को स्वतः नहीं मिलेगी।

अपने ही राज्य में फेल हुआ मप्र का हेरिटेज शराब मॉडल

मध्य प्रदेश का हेरिटेज शराब मॉडल प्रदेश में ही फेल हो गया है। राज्य सरकार इसे ठीक तरह से प्रमोट नहीं कर सकी। नतीजन शराब पीने वालों में महुआ से निर्मित हेरिटेज शराब अपनी जगह नहीं बना पाई। ऐसे में अब सरकार ने प्रदेश की महुआ शराब की दूसरे राज्यों में ब्रांडिंग की योजना बनाई है। अगस्त 2023 में जनजातीय से जुड़ी महुआ शराब को मोंड ब्रांड नाम से प्रदेश के बाजार में उतारा गया था। डिंडोरी की डिस्टिलरी और भोपाल स्थित आउटलेट बंद शुरू किया गया था। लेकिन ब्रांडिंग के अभाव में यह बंद हो गए। केवल आलीराजपुर की यूनिट चालू हैं।

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