एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
भोपाल में सीलिंग सियासत गर्माई: पूर्व विधायक जितेंद्र डागा ने सीएम मोहन यादव को लिखा पत्र, व्यापारियों को न्याय दिलाने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग
भोपाल: राजधानी भोपाल के आवासीय क्षेत्रों में लंबे समय से संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ नगर निगम द्वारा की जा रही सीलिंग और तालाबंदी की कार्रवाई अब राजनीतिक गलियारों में भी तूल पकड़ने लगी है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच हुजूर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक जितेंद्र कुमार डागा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर हजारों व्यापारियों के पक्ष में न्याय की गुहार लगाई है और व्यावसायिक गतिविधियों को वैध करने की जोरदार मांग की है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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पूर्व विधायक ने की हस्तक्षेप की मांग: पूर्व विधायक जितेंद्र डागा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि पिछले एक महीने से भोपाल के हजारों व्यापारी और उनसे जुड़े लाखों कर्मचारी नगर निगम की इस कार्रवाई से भारी मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। इस मामले में वे जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल करेंगे।
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नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल: पत्र में उल्लेख किया गया है कि ये व्यापारी पिछले 30-40 वर्षों से अपने व्यवसाय संचालित कर रहे हैं। इन वर्षों में नगर निगम ने खुद इन्हें गुमास्ता लाइसेंस दिए, नियमित रूप से संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) वसूला और व्यापार संचालन की अनुमति दी। ऐसे में अब अचानक आवासीय क्षेत्र का हवाला देकर दुकानों को बंद करना पूरी तरह अनुचित है।
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अधिकारियों की जवाबदेही तय हो: डागा ने मांग की है कि इस कार्रवाई से पहले पूर्व में दी गई अनुमतियों और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। जिन अधिकारियों के कार्यकाल में ये व्यवसाय फले-फूलें, उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
व्यापारियों को नियमित करने और नए नियम बनाने का सुझाव
पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि आवासीय क्षेत्रों में लंबे समय से संचालित दुकानदारों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके व्यवसायों को नियमित (Regularize) किया जाए। साथ ही, भविष्य के लिए स्पष्ट और व्यावहारिक नियम बनाए जाएं ताकि शहर के कारोबारियों को इस तरह की अनिश्चितता और संकट का सामना न करना पड़े।




