एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
आयुष्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा: भोपाल के मारुति और यशवी अस्पताल निलंबित, मृत मरीज के नाम पर क्लेम और बेसमेंट में अवैध इलाज का खुलासा; एफआईआर दर्ज
भोपाल: गरीबों को मुफ्त और सुलभ इलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से संचालित ‘आयुष्मान भारत निरामयम् योजना’ में बड़े पैमाने पर धांधली और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग और योजना के अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई करते हुए भोपाल के दो निजी अस्पतालों—आनंद नगर स्थित मारुति मल्टीस्पेशलिस्ट अस्पताल और सूखी सेवनिया बायपास स्थित यशवी मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल को योजना से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही दोनों अस्पतालों के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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मारुति अस्पताल की अमानवीय करतूत: आनंद नगर स्थित मारुति मल्टीस्पेशलिस्ट अस्पताल ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। यहां कब्ज से पीड़ित एक मरीज को बेवजह आईसीयू में भर्ती रखा गया। हद तो तब हो गई जब 21 अगस्त को मरीज की मौत हो चुकी थी, लेकिन इसके दो दिन बाद 23 अगस्त को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निरीक्षण किया, तो मरीज मृत मिला और अस्पताल प्रबंधन तब भी आयुष्मान योजना के तहत क्लेम की रकम ऐंठने के लिए अप्रूवल रिक्वेस्ट भेज रहा था।
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यशवी अस्पताल पर बेसमेंट में इलाज और फर्जी आईसीयू का आरोप: सूखी सेवनिया स्थित यशवी मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के संचालक अरविंद गवन्डे के खिलाफ क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. रवींद्र गुप्ता की शिकायत पर सूखी सेवनिया थाने में BNS की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि अस्पताल में बिना किसी चिकित्सकीय मानक के अवैध बेसमेंट में मरीजों का इलाज किया जा रहा था और साधारण मरीजों को महंगे आईसीयू वार्ड में भर्ती दिखाकर शासन को चूना लगाया जा रहा था।
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मल्टी केयर अस्पताल पर भी रेड: आयुष्मान योजना में गड़बड़ियों पर लगाम कसने के लिए निगरानी टीम ने हमीदिया अस्पताल के पास स्थित मल्टी केयर अस्पताल पर भी देर रात औचक छापा मारा। यहां भी कई अनियमितताएं मिलने की खबर है, जिसकी विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शासन की दो टूक: मरीजों के जीवन से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
आयुष्मान भारत निरामयम् (मप्र) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविंद शाह ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि योजना में किसी भी तरह की धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े या मरीजों के जीवन से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मृत मरीज के नाम पर क्लेम भेजने जैसी गंभीर अनियमितताओं पर त्वरित एक्शन लेते हुए अस्पतालों को निलंबित किया गया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।




