भोपाल:
भोपाल के लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खबर है! जिस यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री को देखकर लोग सालों से डरते थे और जिसे भोपाल गैस त्रासदी का काला प्रतीक माना जाता था, अब उसकी सूरत पूरी तरह बदलने वाली है। मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि इस पूरे परिसर को एक वर्ल्ड क्लास म्यूजियम और मेमोरियल (यादगार स्थल) बनाया जाएगा।
क्या है सरकार का पूरा प्लान?
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गुजरात के ‘स्मृतिवन’ जैसा कमाल: साल 2001 में गुजरात के भुज में आए भयंकर भूकंप की याद में वहाँ एक बेहद खूबसूरत ‘स्मृतिवन’ बनाया गया है। ठीक उसी की तर्ज पर अब भोपाल के यूनियन कार्बाइड परिसर को भी संवारा जाएगा।
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पीड़ितों को सम्मान: इस म्यूजियम को बनाने का मकसद उन लोगों को याद करना और सम्मान देना है, जिन्होंने इस दर्दनाक हादसे को झेला।
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CM के कड़े निर्देश: मुख्यमंत्री ने बड़े अधिकारियों को साफ कह दिया है कि इसका पूरा प्लान तुरंत तैयार किया जाए ताकि काम जल्द से जल्द शुरू हो सके।
एक बड़ा सवाल: सरकार का यह फैसला सुनने में तो बहुत अच्छा है, लेकिन सालों से गैस पीड़ितों के हक की लड़ाई लड़ रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि म्यूजियम बनाने से पहले फैक्ट्री के अंदर दबे जहरीले कचरे को साफ करना ज्यादा जरूरी है, ताकि आस-पास का पानी और जमीन सुरक्षित हो सके।
आपकी क्या राय है? क्या सरकार का यह फैसला सही है या पहले वहाँ की साफ-सफाई और पीड़ितों की मदद पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए?




