मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तर-पश्चिम राजस्थान में बना चक्रवाती सिस्टम मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों की ओर बढ़ा, जिससे बादल छा गए। उत्तर भारत में …और पढ़ें

एमपी में चक्रवातीय हवाओं से बदला मिजाज।
HighLights
- एमपी में चक्रवातीय हवाओं से बदला मिजाज
- ग्वालियर-भोपाल में बूंदाबांदी से लुढ़का पारा
- प्रदेश में मार्च के अंत तक ऐसा ही रहेगा मौसम
भोपाल। प्रदेश में सोमवार को मौसम भले ही शुष्क रहा, लेकिन उत्तर-पश्चिम राजस्थान में बने चक्रवातीय हवाओं के प्रभाव से वातावरण में नमी घुल गई। कई जिलों में आसमान पर बादल छाए रहे, कुछ जगह हल्की बूंदाबांदी भी हुई। ग्वालियर में दोपहर साढ़े 12 बजे मौसम ने मिजाज बदला, जबकि राजधानी भोपाल में शाम चार बजे करवट ली। इस दौरान कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई, जिसका असर तापमान पर भी साफ नजर आया।
तापमान में गिरावट और चक्रवाती सिस्टम का असर
ग्वालियर में अधिकतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 29.2 डिग्री पर पहुंच गया। वहीं सबसे अधिक 38.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रायसेन में रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सोमवार को उत्तर-पश्चिम राजस्थान में बना चक्रवाती सिस्टम मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों की ओर बढ़ा, जिससे बादल छा गए। उत्तर भारत में नमी बरकरार है, प्रदेश में उत्तरी हवाएं भी आ रही हैं।
मार्च के अंतिम सप्ताह का पूर्वानुमान
लिहाजा मार्च के अंतिम सप्ताह मौसम ऐसा ही रहेगा। 26 और 29 मार्च से दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इससे कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि, मौसम में इस बदलाव से तापमान में अधिक अंतर नहीं आने वाला। फिलहाल भीषण गर्मी से राहत बनी रहेगी। अगले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।
प्रदेश के चारों महानगरों का तापमान शहर
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
| इंदौर | 34.9 | 18.2 |
| भोपाल | 34.4 | 17.0 |
| जबलपुर | 34.2 | 17.3 |
| ग्वालियर | 29.2 | 17.5 |
नोट — तापमान डिग्री सेल्सियस में




